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3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
जब शिशॠजनà¥à¤® लेता है, तो उसके बाद पहले और दूसरे महीने में शिशॠके वजन और कद में लगà¤à¤— कà¥à¤› ही अंतर रहता है। हालांकि, 3 महीने के शिशॠका विकास पहले दो महीने के तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। तीसरे महीने में बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन 4.7 किलो से 6.3 किलो और लंबाई 59.8 सेंटीमीटर तक हो सकती है। वहीं, बेबी बॉय का सामानà¥à¤¯ वजन 5.1 किलो से 6.9 किलो तक और लंबाई 61.4 सेंटीमीटर हो सकती है (1)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि हर शिशॠका शारीरिक विकास व बनावट अलग-अलग होती है। इसका असर उनकी लंबाई व वजन नजर आता है। साथ ही शिशॠका वजन उसके जनà¥à¤® के समय के वजन पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। इस मामले में बाल चिकितà¥à¤¸à¤• से आपको और सटीक जानकारी मिल सकती है।
इस लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में जानिठशिशॠमें होने वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के विकास के बारे में।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जनà¥à¤® के बाद शिशॠजैसे-जैसे बड़े होते हैं, महीने दर महीने उनका शारीरिक, मानसिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास होता है। वो हर महीने कà¥à¤› नया सीखते हैं। नीचे हम 3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधियों और उनके विकास के माइलà¥à¤¸à¤Ÿà¥‹à¤¨ के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• विकास
चेहरे की पहचान – शिशॠजब तीन महीने का होता है, तो वो अपने आस-पास के लोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानने लगता है। साथ ही जो हमेशा उसके साथ रहते हैं, शिशॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूर से ही पहचानने लगता है (2)।
आवाज सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देना – कई बार जब वो कोई जानी-पहचानी आवाज सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, तो उसे सà¥à¤¨à¤•र मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ लगते हैं या उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होने लगते हैं (2)।
आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र ढूंà¥à¤¨à¤¾ – कई शिशॠमà¥à¤¯à¥‚जिक सà¥à¤¨à¤•र या किसी की आवाज सà¥à¤¨à¤•र उस धà¥à¤µà¤¨à¤¿ की तरफ अपना सिर घूमाते हैं और आवाज कहां से आ रही है, यह पता करने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा, कà¥à¤› आवाजों की नकल à¤à¥€ करने लगते हैं, लेकिन कई बार शिशॠकà¥à¤› आवाजों से तंग होकर रोने à¤à¥€ लगते हैं (2)।
बात करने की कोशिश – कà¤à¥€-कà¤à¥€ जब कोई उनके साथ खेलता या बात करता है तो शिशॠà¤à¥€ अपने तरीके से जैसे – हाथों-पैरों को हिलाकर और आà¤à¤–ों के इशारों से उनसे बात करने की कोशिश करते हैं। हालांकि कà¤à¥€-कà¤à¥€ बड़ों के कà¥à¤› हरकतों से शिशॠचिॠà¤à¥€ जाते हैं (2)।
शारीरिक विकास
सिर को उठाना – जब शिशॠतीन महीने के होते हैं, तो धीर-धीरे कà¥à¤› हरकतें सीखने लगते हैं। जब वो पेट के बल लेटते हैं, तो अपने सिर और सीने को हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा ऊपर उठाने की कोशिश करते हैं और कà¥à¤› हद तक इस कोशिश में कामयाब à¤à¥€ हो जाते हैं। कई बार तो वो सिर को कà¥à¤› सेकंड के लिठसà¥à¤¥à¤¿à¤° रखने में à¤à¥€ कामयाब हो जाते हैं (2)।
हाथों पर शरीर का वजन संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ – जब शिशॠपेट के बल लेटते हैं, तो कà¤à¥€-कà¤à¥€ वो अपने हाथों पर अपने शरीर का à¤à¤¾à¤° देने की कोशिश करते हैं। वो अपने हाथों पर जोर देकर शरीर या सिर को उठाने की कोशिश करते हैं (2) (3)।
खिलौनों को पकड़ना सीखते हैं – तीसरे माह में शिशॠकà¥à¤› चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं। उनके सामने उनके पसंद के खिलौने या अनà¥à¤¯ कोई चीज रहे, तो वो उसे पकड़ने, खींचने और फेंकने लगते हैं। वो मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी को खोलने व बंद करने लगते हैं, जिस कारण वो चीजों को पकड़ना और अनजाने में चीजों को गिराना सीखने लगते हैं (2)।
चीजों को देखना – कà¤à¥€-कà¤à¥€ वो किसी चीज को हिलते हà¥à¤ देखते हैं, तो उसको कà¥à¤› कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठदेखते रहते हैं या किसी आवाज को सà¥à¤¨à¤•र उसकी तरफ देखते हैं या पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देते हैं (2)।
मà¥à¤‚ह में हाथ डालना – इस दौरान वो अंगूठा चूसना या मà¥à¤‚ह में हाथ डालना à¤à¥€ सीखने लगते हैं, जो कà¤à¥€-कà¤à¥€ उनके à¤à¥‚ख लगने का संकेत à¤à¥€ देता है (2) (3)।
पीठके बल लेटने पर हाथ-पांव चलाना – तीसरे महीने में जब शिशॠको पीठके बल लेटाया जाता है और उनका मूड अचà¥à¤›à¤¾ होता है, तो वो तेज-तेज हाथ-पांव चलाते हैं। यह उनके खेलने का संकेत होता है, जिन चेहरों को वो पहचानने लगते हैं, उनके सामने à¤à¥€ वो à¤à¤¸à¤¾ ही करते हैं (2)।
सामाजिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
जाने-पहचाने चेहरे को देख मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ – तीसरे महीने तक आते-आते शिशॠलोगों को थोड़ा-थोड़ा पहचानना सीख जाते हैं। जो उनके आस-पास जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताते हैं, उनके साथ होने पर वो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं और मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ और खिलखिलाने à¤à¥€ लगते हैं। अपने à¤à¤¾à¤ˆ-बहनों को देखकर या दूसरे शिशà¥à¤“ं को देखकर à¤à¥€ कई बार वो उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर खिलखिलाने लगते हैं (2)।
लोगों के साथ खेलना – तीसरे महीने में आने के बाद शिशॠहाथ-पैर को चलाकर खेलना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। जिनके चेहरे वो पहचानते हैं, उनके सामने आने से वो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर अपने हाथ-पैर चलाते हैं और खेलने का संकेत देने लगते हैं। जब वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ खेलना या शिशॠपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना बंद कर देते हैं, तो कई बार वो रोने à¤à¥€ लगते हैं (2)।
अंजान के आसपास असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करना – शिशॠअगर परिचित चेहरों को देखकर खà¥à¤¶ होते हैं और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ महसूस करते हैं। वहीं, अनजान के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से या उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर या अनजान लोगों के पास आने पर रोने à¤à¥€ लग सकते हैं या चिड़चिड़ाकर अपने à¤à¤¾à¤µ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हैं (4)।
तीन माह के शिशॠको लगने वाले टीकों के बारे में जानने के लिठपढ़ते रहें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के टीकाकरण की सूची
शिशॠके जनà¥à¤® के साथ ही उसके सही सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€ माता-पिता और परिवार की होती है। जनà¥à¤® के बाद शिशॠको सेहतमंद रखने के लिठउसका टीकाकरण समय पर करवाना जरूरी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार देशà¤à¤° में टीकाकरण केंदà¥à¤° चलाती है, जहां मà¥à¤«à¥à¤¤ में टीके लगवाठजाते हैं। वहीं, निजी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में टीकाकरण के लिठकà¥à¤› शà¥à¤²à¥à¤• देना पड़ता है। यहां हम उन टीकों के बारे में बात कर रहे हैं, जो 10 हफà¥à¤¤à¥‡ या उससे अधिक उमà¥à¤° के शिशॠको लगने चाहिठ(5)।
डीटी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ पी 2
आईपीवी 2
हिब 2
रोटावायरस 2
पीसीवी 2
नोट : ऊपर दी गई सूची में जिन टीकों के नाम हैं, उनको कब-कब लगवाना है, उसकी जानकारी आपको शिशॠविशेषजà¥à¤ž से आसानी से मिल जाà¤à¤—ी। इसके अलावा, शिशॠके जनà¥à¤® के बाद माता-पिता को टीकाकरण का चारà¥à¤Ÿ à¤à¥€ दिया जाता है, उससे à¤à¥€ आपको काफी जानकारी मिल सकती है। अगर कोई उलà¤à¤¨ हो, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकते हैं।
आगे हम शिशॠको दूध की कितनी मातà¥à¤°à¤¾ देनी चाहिà¤, उस बारे में बात करेंगे।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में शिशॠकी पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ कमजोर होती है और वो कम दूध पीते हैं। वहीं, महीने-दर-महीने उनकी à¤à¥‚ख बà¥à¤¨à¥€ शà¥à¤°à¥‚ होती है और तीसरे महीने तक आते-आते पहले की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का सेवन शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं। नीचे हम उसी के बारे में आपको जानकारी देंगे।
मां का दूध : तीसरे महीने में शिशॠहाथ-पैर पटक कर खेलता है और अनà¥à¤¯ हरकतें à¤à¥€ करता है, जिसमें उसकी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ऊरà¥à¤œà¤¾ खरà¥à¤š होती है। साथ ही उसका पेट à¤à¥€ बà¥à¤¤à¤¾ है, जिस कारण उसे à¤à¥‚ख जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हर रोज 500 से 900 à¤à¤®à¤à¤² मां के दूध की जरूरत होती है (6)। शिशॠ24 घंटे में 8 से 12 बार मां के दूध का सेवन कर सकता है (7)। हालांकि, हर शिशॠकी जरूरतें और सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ अलग-अलग होते हैं, तो उसी आधार पर हो सकता है कि हर किसी के दूध पीने की आदत में थोड़ा अंतर हो।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : यह तो सà¤à¥€ जानते हैं कि 6 महीने तक शिशॠके लिठमां के दूध से बेहतर और कà¥à¤› नहीं है, लेकिन फिर à¤à¥€ कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जा सकता है। तीन महीने के शिशॠको 177 à¤à¤®à¤à¤² फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन 5 से 6 बार करा सकते हैं (8)।
कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠकितने घंटे सोता है? अगर नहीं, तो आइठपता करते हैं।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
जनà¥à¤® के बाद शिशॠको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नींद मिलनी आवशà¥à¤¯à¤• है। शिशॠके सोने का कोई निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ वकà¥à¤¤ नहीं होता है। अगर तीन महीने के शिशॠकी नींद की बात करें, तो वो औसतन 15 घंटे सो सकते हैं। रात को 9 से 10 घंटे और दिन में कम से कम 4 से 5 घंटे (9)।
आगे जानिठतीन महीने का शिशॠकà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ गतिविधियां करता है।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठखेलें और गतिविधियां
शिशॠजब तीन महीने के होते हैं, तो वो थोड़ी बहà¥à¤¤ गतिविधियां करने लगते हैं और लोगों को पहचानने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में माता-पिता और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ और उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करने के लिठउनके साथ कई तरह के गेमà¥à¤¸ खेल सकते हैं। नीचे हम उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के बारे में बता रहे हैं :
शिशॠको बाहर की खà¥à¤²à¥€ हवा में घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚ या फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरे शिशà¥à¤“ं के सामने लेकर बैठें, ताकि वो उनके साथ घà¥à¤²à¤¨à¥‡-मिलने की कोशिश करें।
जब आप शिशॠके साथ घर में वकà¥à¤¤ बिता रहे हों, तो शिशॠको पेट के बल लेटा दें और उसके सामने उसके पसंदीदा खिलौना रख दें और उसे खिलौना पकड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें। तीन महीने में शिशॠथोड़ा बहà¥à¤¤ चीजों को पकड़ना सीखने लगते हैं।
तीन महीने में शिशॠआवाज सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनके सामने मà¥à¤¯à¥‚जिक चला दें, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आवाज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज न हो वरना शिशॠचिड़चिड़ा à¤à¥€ सकते हैं। आप उनके सामने तरह-तरह की आवाजें निकालें, ताली बजाà¤à¤‚, आवाज वाले खिलौने रखें। आप चाहें तो ताली बजाकर छà¥à¤ª जाà¤à¤‚, ताकि वो आपको ढूढें। आप आवाज निकालने वाले खिलौनों को छà¥à¤ªà¤¾à¤•र बजाà¤à¤‚, ताकि वो आवाज को ढूंढें।
आप उनके सामने लà¥à¤•ा-छिपी जैसे खेल à¤à¥€ खेल सकते हैं और उनके सामने अलग-अलग तरह की लाइट जलाकर उनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ खींच सकते हैं।
यहां हम शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› जानकारियां दे रहे हैं, जिन पर माता-पिता का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना जरूरी है।
तीन महीने के शिशॠको लेकर माता-पिता की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चिंताà¤à¤‚
शिशॠके विकास के साथ-साथ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ होने लगती हैं, जो आम हैं। वहीं, शिशॠको हलà¥à¤•ी सी à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर माता-पिता चिंतित हो जाते हैं। नीचे हम तीन महीने के शिशॠकी कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के बारे में बता रहे हैं, जिनका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है –
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम – शिशॠकी रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है। à¤à¤¸à¥‡ में मौसम में थोड़ा à¤à¥€ बदलाव होते ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या फिर सांस संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही नाक बहने जैसी परेशानी à¤à¥€ हो सकती है (10)। अगर शिशॠको तेज बà¥à¤–ार है या शिशॠदूध नहीं पी रहा है, तो बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से मिलें और शिशॠकी जांच करवाà¤à¤‚।
कम वजन – कई बार शिशॠको संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ à¤à¥€ हो जाते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी और वजन कम होने का खतरा हो जाता है (10)।
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ – शिशॠको कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ à¤à¥€ हो सकता है, जिस कारण वो चिड़चिड़े होकर रोने लगते हैं। इसका à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ कारण है शिशà¥à¤“ं को सोने या लेटने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में दूध पिलाना। इसलिà¤, दूध पिलाते वकà¥à¤¤ शिशॠके सिर को छाती के मà¥à¤•ाबले ऊपर रखें। अगर शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं या चिड़चिड़े होते हैं, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जरूर संपरà¥à¤• करें (10)।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ – डायपर की वजह से शिशॠको डायपर रैशेज हो सकते हैं। इसके अलावा, अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ संबंधी परेशानियां जैसे – खà¥à¤œà¤²à¥€ होना व à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होने जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (10)।
नोट: अगर शिशॠलगातार रो रहा है, चिड़चिड़ा हो जाà¤, दूध न पिठया बेचैन रहे है, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में समठजाà¤à¤‚ कि शिशॠको कोई शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है। इसलिà¤, बिना देर करते हà¥à¤ तà¥à¤°à¤‚त शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
इस à¤à¤¾à¤— में जानिठतीन महीने के शिशॠसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ जानकारियां।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है?
तीन महीने का शिशॠकाफी विकसित हो जाता है और धीरे-धीरे अपनी आसपास की चीजों को समà¤à¤¨à¥‡ लगता है। शिशॠचीजों को à¤à¤• टक देखने लगते हैं। साथ ही दूर से ही जाने-पहचाने लोगों को या वसà¥à¤¤à¥ को पहचानने लगते हैं। इसके अलावा, चलती हà¥à¤ˆ चीजों को देखकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकड़ने या उनके पीछे जाने की कोशिश करते हैं। आंखों पर अचानक से तेज रोशनी पड़ने से पलकें à¤à¤ªà¤•ाते हैं (2) (11)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है?
तीन महीने के शिशॠके कान तेज होते हैं और वो जब à¤à¥€ कोई आवाज सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं, तो उसी दिशा में अपना सिर घà¥à¤®à¤¾à¤•र देखने की कोशिश करते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ तो वो अपने तरीके से आवाजों को सà¥à¤¨à¤•र उसकी नकल à¤à¥€ उतारने की कोशिश करने लगते हैं (2)। इतना ही नहीं अगर सोते वकà¥à¤¤ हलà¥à¤•ी-सी आहट à¤à¥€ हो, तो उठसकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को पहचान सकता है?
हां, आपका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और गंध को पहचान सकता है। शिशॠमीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को पसंद करता है और जब उसे कà¥à¤› कड़वी चीज दी जाà¤, तो वो रोने लगते है। अगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मां के दूध के बदले कà¥à¤› और चीज दी जाà¤, तो वो समठजाते हैं। उसी पà¥à¤°à¤•ार वो खराब गंध को à¤à¥€ समठजाते हैं। वो उसी गंध की तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ होंगे, जिसे वो पसंद करते हैं (12)। यहां तक कि शिशॠअपने माता-पिता के शरीर के गंध को à¤à¥€ समठजाते हैं।
अब हम आपको शिशॠकी सफाई से संबंधित कà¥à¤› बातें बताà¤à¤‚गे।
शिशॠकी सफाई और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
शिशॠके लिठसिरà¥à¤« आहार ही नहीं, बलà¥à¤•ि उनकी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उनके सेहत पर पड़ता है। इसलिà¤, शिशॠकी सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना बहà¥à¤¤ जरूरी है। सिरà¥à¤« शिशॠही नहीं, बलà¥à¤•ि उसके आस-पास की सारी चीजों की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ मायने रखती है।
डायपर – शिशॠके डायपर को हर कà¥à¤› घंटों में चेक करते रहें। अगर शिशॠका डायपर गीला हो, तो बिना देर करते हà¥à¤ उसे जलà¥à¤¦ बदलें। डायपर पहनाने से पहले शिशॠको बेबी वाइपà¥à¤¸ से पोछें और लोशन लगाà¤à¤‚, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रैशेज न हो। अगर शिशॠको रैशेज हों, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछकर कà¥à¤°à¥€à¤® का उपयोग करें। साथ ही पूरे दिन में कà¥à¤› देर शिशॠको बिना डायपर के रहने दें, ताकि शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हवा लगे और तà¥à¤µà¤šà¤¾ मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œ रहे।
नाक साफ करें – शिशॠके नाक को गीले कपड़े से हलà¥à¤•े से साफ करें, ताकि अगर उनके नाक में गंदगी हो, तो वो साफ हो जाà¤à¤‚। माता-पिता चाहे तो सेलाइन डà¥à¤°à¥‰à¤ª से à¤à¥€ शिशॠका नाक साफ कर सकते हैं।
खिलौनों को साफ करें – जब शिशॠखेलना सीखते हैं, तो बार-बार खेलते हà¥à¤ खिलौनों को मà¥à¤‚ह में डाल लेते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि उनके खिलौने अचà¥à¤›à¥‡ से धà¥à¤²à¥‡ हों, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी à¤à¥€ तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ न हो। खिलौनों को उबलते पानी में कà¥à¤› देर रखें, ताकि गंदगी निकल जाà¤, फिर दूसरे पानी में साफ करें। शिशॠको खिलौने देने से पहले अचà¥à¤›à¥‡ से पोंछकर सूखा लें।
नाखून काटे – बड़ों की तरह शिशॠके à¤à¥€ नाखून बà¥à¤¤à¥‡ हैं, इसलिठशिशॠके नाखूनों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। शिशॠको हाथ मà¥à¤‚ह में डालने की आदत होती है। अगर नाखूनों में गंदगी होगी, तो उससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। अगर नाखून बड़े हà¥à¤, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खरोंच à¤à¥€ लग सकती है। इसलिà¤, नियमित तौर पर शिशॠके नाखून काटें और साफ करें।
घर को साफ रखें – घर के फरà¥à¤¶ व बरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚ और साफ करें। खासकर, घर का वो हिसà¥à¤¸à¤¾ जहां आपका शिशॠजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ बिताता है, ताकि उसे संकà¥à¤°à¤®à¤£ न हो।
शिशॠको छूने से पहले हाथ धोà¤à¤‚ – सिरà¥à¤« घर और शिशॠको ही नहीं, बलà¥à¤•ि खà¥à¤¦ को à¤à¥€ साफ रखें। कहीं बाहर से आने के बाद बिना हाथ धोठशिशॠको सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ न करें।
यहां जानिठकि कैसे माता-पिता अपने शिशॠके विकास में मदद कर सकते हैं।
माता-पिता शिशॠके विकास में कैसे सहयोग दें ?
शिशॠके बेहतर विकास में माता-पिता का योगदान à¤à¥€ बहà¥à¤¤ मायने रखता है। यहां हम आपको उसी के बारे में थोड़ी जानकारी दे रहे हैं कि माता-पिता शिशॠके विकास में कैसे मदद कर सकते हैं।
शिशॠको थोड़ी देर पेट के बल किसी साफ मैट पर या गदà¥à¤¦à¥‡ पर लेटाà¤à¤‚ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खेलने दें। à¤à¤¸à¤¾ करने से शिशॠके बांह, पैर और मांसपेशियां मजबूत होगी। इससे शिशॠके तेज विकास में मदद मिल सकती है (13)।
शिशॠके सामने खिलौने और उनके पसंदीदा चीजों को रखें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उस तक पहà¥à¤‚चने के लिठऔर पकड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करें।
तीसरे महीने में बचà¥à¤šà¥‡ लोगों को, आवाजों को और कई छोटी-मोटी चीजों को पहचानने और समà¤à¤¨à¥‡ लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनके लिठरंग-बिरंगे खिलौने व तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ की किताबें आदि दिखाà¤à¤‚।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर खà¥à¤²à¥€ हवा में घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚।
उनके साथ खेलें जैसे – उनके सामने अपने चेहरे पर हाथ रखकर छà¥à¤ªà¤¨à¥‡ की कोशिश करें, अनà¥à¤¯ तरीकों से à¤à¥€ लà¥à¤•ा-छिपी खेलें, उनके सामने नाचें। इन सबसे वो और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होंगे और फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¥‡ होंगे।
आगे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की बात कर रहे हैं, जो चिंता का विषय हो सकते हैं।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहिà¤?
ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠअपनी जरूरतें और तकलीफें बोल के नहीं बता सकते हैं। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पता किया जा सकता है कि शिशॠको कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾ है या नहीं। नीचे हम कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानकारी दे रहे हैं, ताकि आपको पता चल सके कि शिशॠकी सेहत कैसी है :
अगर आपका शिशॠलगातार रो रहा हो या चिड़चिड़ा रहे, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। हो सकता हो आपके शिशॠको कोई शारीरिक तकलीफ हो।
तीन महीने का शिशॠचीजों को पकड़ना सीखने लगता है, लेकिन अगर आपके शिशॠको कà¥à¤› चीजें पकड़ने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
अगर आपका शिशॠकोई आवाज सà¥à¤¨à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं दे रहा हो या आवाज पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दे रहा हो।
तीसरे महीने में शिशॠकाफी हद तक अपने सिर को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¤¾ सीखने लगते हैं, लेकिन अगर दूध पीते वकà¥à¤¤ या अनà¥à¤¯ गतिविधि के समय शिशॠअपने सिर को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ नहीं कर पाता है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है।
शिशॠअगर परिचित चेहरों को देखकर कोई पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ न दें या अचानक से आंखों में रोशनी पड़ने पर पलकें न à¤à¤ªà¤•ाà¤à¥¤
अगर शिशॠदूध न पी रहा हो। इसके अलावा, अगर शिशॠदूध पीने के बाद बार-बार उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा हो।
इस महीने के लिठचेकलिसà¥à¤Ÿ
शिशॠको टीकाकरण के लिठनियमित डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
टीके लगने की तारीखों को नोट करके रखें।
रोजाना या à¤à¤• दिन छोड़कर शिशॠको नहलाà¤à¤‚।
उसके दूध पीने के टाइम को नोट करके रखें।
शिशॠके सोने के वकà¥à¤¤ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें।
तीसरे महीने में शिशॠथोड़ा बहà¥à¤¤ पलटना सीखने लगते हैं, इसलिठउनके गिरने का डर होता है, इसलिठशिशॠजब सोठतो उसके आसपास तकिया रखें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
शिशॠके सिर में नरम जगह (सॉफà¥à¤Ÿ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿ या फॉनà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡à¤²) कब खतà¥à¤® होती है?
शिशॠजब 1 से 2 महीने का होता है, तब सिर के पीछे की नरम जगह (फॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¥‡à¤²) खतà¥à¤® होने लगती है। वहीं, सिर के शीरà¥à¤· पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ नरम जगह (फॉनà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡à¤²) शिशॠके 7 से 19 महीने के बीच खतà¥à¤® होने लगती है (14)।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ खिलौने कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
तीन महीने के शिशॠके लिठटीथर, लाइट वाले टेडी बियर या लाइट वाले अनà¥à¤¯ खिलौने, आवाज करने वाले खिलौने, लोरी वाले खिलौने व नाचने वाले खिलौने ले सकते हैं।
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के साथ घर से बाहर निकलते समय मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ तैयारी करनी चाहिà¤?
3 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के साथ घर से बाहर निकलते वकà¥à¤¤ आप नीचे बताई गई चीजों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें :
शिशॠके दो-तीन जोड़ी à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ कपड़े
डायपर का पैकेट
मौसम के हिसाब से शिशॠके कपड़े लें
जैसा कि आप शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो उसके लिठचादर, शॉल या कंबल रख लें।
बेबी वाइपà¥à¤¸ और लोशन
हैंड सैनिटाइजर
खà¥à¤¦ के लिठपीने का पानी
शिशॠके पसंदीदा खिलौने
शिशॠबहà¥à¤¤ ही कोमल और नाजà¥à¤• होते हैं। उनके बेहतर विकास के लिठउनकी सही देखà¤à¤¾à¤² होना जरूरी है। आप तीसरे माह के शिशॠके साथ जितना वकà¥à¤¤ बिताà¤à¤‚गे और खेलेंगे, उनका विकास उतना ही अचà¥à¤›à¥‡ से होगा। आशा करते हैं कि इस लेख में बताई गई जानकारी आपके काम आà¤à¤—ी और आप अपने शिशॠऔर उनकी जरूरतों को और अचà¥à¤›à¥‡ से जान पाà¤à¤‚गे।
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